PM Vishwakarma Yojana On-line Apply 2026: देश के वे सभी पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार भाई–बहन, जो अपने हुनर को और बेहतर बनाकर उसे एक स्थायी और मजबूत आय का साधन बनाना चाहते हैं, उनके लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कल्याणकारी योजना चलाई जा रही है। वर्ष 2026 में भी यह योजना पूरी तरह सक्रिय है और पात्र लाभार्थी इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का संचालन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा किया जाता है, जिसमें कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) तथा वित्त मंत्रालय (MoF) का सहयोग प्राप्त है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के माध्यम से कारीगरों के पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाता है, ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान दे सकें। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण, ₹15,000 तक की टूलकिट सहायता, विश्वकर्मा प्रमाणपत्र व आईडी कार्ड, तथा बिना गारंटी के कम ब्याज दर पर ऋण जैसी सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। सभी वित्तीय लाभ DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाते हैं।

आज के इस ब्लॉग में हम आपको PM Vishwakarma Yojana 2026 से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से देने वाले हैं। यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं और इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जानना चाहते हैं, तो इस लेख को ध्यानपूर्वक अंत तक अवश्य पढ़ें।
PM Vishwakarma Yojana On-line Apply 2026: Overview
Scheme Title |
Pradhan Mantri Vishwakarma Yojana |
Launch 12 months |
2023 |
Implementing Ministry |
Ministry of MSME (MoMSME) |
Supporting Ministries |
MSDE, Ministry of Finance |
Beneficiaries |
Conventional Artisans & Craftsmen |
Toolkit Incentive |
₹15,000 |
Mortgage Quantity |
₹1 Lakh (First), ₹2 Lakh (Second) |
Curiosity Charge |
5% (Curiosity Subsidy by Govt.) |
Coaching Stipend |
₹500 per day |
Mode of Utility |
On-line / CSC |
Official Web site |
pmvishwakarma.gov.in |
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, लाभ, दस्तावेज़ और पूरी प्रक्रिया
आज के इस लेख में हम आप सभी पाठकों का हार्दिक स्वागत करते हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2026 की पूरी जानकारी विस्तृत रूप में देने वाले हैं। यदि आप एक पारंपरिक कारीगर, शिल्पकार या हस्तशिल्प से जुड़े हुए व्यक्ति हैं और अपने कौशल या व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी सहायता प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकती है।
PM Vishwakarma Yojana 2026 के तहत पात्र कारीगरों को ₹15,000 तक का टूलकिट अनुदान, ₹1 लाख से ₹2 लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण, तथा प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹500 प्रतिदिन का भत्ता दिया जाता है। योजना के अंतर्गत मिलने वाली सभी वित्तीय सहायता DBT (Direct Profit Switch) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
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यदि आप भी पीएम विश्वकर्मा योजना 2026 का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस लेख में हम आपको योजना से जुड़ी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, पात्रता शर्तें, आवश्यक दस्तावेज़, और योजना के प्रमुख लाभों की पूरी जानकारी विस्तार से देने वाले हैं, ताकि आप बिना किसी परेशानी के आवेदन कर सकें और इस सरकारी योजना का पूरा लाभ उठा सकें।
पीएम विश्वकर्मा योजना क्या है?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक केंद्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। यह योजना उन लोगों के लिए बनाई गई है जो पीढ़ियों से अपने हाथों और पारंपरिक औजारों के माध्यम से काम करते आ रहे हैं, जैसे: बढ़ई, लोहार, दर्जी, कुम्हार, सुनार, नाई, मोची, हथकरघा बुनकर आदि।
इस योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को की गई थी और इसका संचालन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा किया जाता है। योजना के अंतर्गत कारीगरों के पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से जोड़कर उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहायता दी जाती है।
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड, ₹15,000 तक की टूलकिट सहायता, ₹1 लाख से ₹2 लाख तक का बिना गारंटी ऋण, तथा प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹500 प्रतिदिन का भत्ता प्रदान किया जाता है। इसके अलावा डिजिटल लेन–देन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। योजना के अंतर्गत मिलने वाली सभी वित्तीय सहायता DBT (Direct Profit Switch) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
कुल मिलाकर पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को पहचान, सम्मान और आर्थिक स्थिरता प्रदान करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और “लोकल से ग्लोबल” की दिशा में अपने हुनर को आगे बढ़ा सकें।
PM Vishwakarma Yojana का उद्देश्य
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2026 का मुख्य उद्देश्य देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। यह योजना उन लोगों के लिए बनाई गई है जो पीढ़ियों से अपने हाथों और पारंपरिक औजारों के माध्यम से कार्य करते आ रहे हैं और अपने कौशल के बल पर आजीविका अर्जित करते हैं।
इस पीएम विश्वकर्मा योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को “विश्वकर्मा” के रूप में आधिकारिक पहचान प्रदान करना।
- कारीगरों के पारंपरिक कौशल का संरक्षण और संवर्धन करना तथा उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना।
- कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकुशलता और उत्पाद की गुणवत्ता में वृद्धि करना।
- कारीगरों को आधुनिक औजार और टूलकिट उपलब्ध कराकर उत्पादन क्षमता बढ़ाना।
- बिना गारंटी के कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर उनके व्यवसाय को विस्तार देने में सहायता करना।
- कारीगरों को डिजिटल लेन-देन और औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना।
- उत्पादों की मार्केटिंग, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुँच सुनिश्चित करना।
- पारंपरिक व्यवसायों को मजबूत बनाकर कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना।
कुल मिलाकर PM Vishwakarma Yojana का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी पारंपरिक कारीगर आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपने हुनर को न छोड़े, बल्कि उसे एक सशक्त और सम्मानजनक व्यवसाय के रूप में विकसित कर सके।
Advantages of the Pradhan Mantri Vishwakarma Yojana
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को कई प्रकार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ प्रदान किए जाते हैं।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- पात्र कारीगरों को “विश्वकर्मा सर्टिफिकेट” और डिजिटल आईडी कार्ड प्रदान किया जाता है, जिससे उन्हें सरकारी पहचान मिलती है।
- कौशल प्रशिक्षण (बेसिक एवं एडवांस) की सुविधा दी जाती है, ताकि कारीगर अपने काम में दक्षता बढ़ा सकें।
- प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹500 प्रतिदिन का भत्ता प्रदान किया जाता है।
- कारीगरों को अपने कार्य के लिए ₹15,000 तक की टूलकिट सहायता दी जाती है, जिससे वे आधुनिक औजार खरीद सकें।
- बिना गारंटी का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें प्रथम चरण में ₹1,00,000 तो द्वितीय चरण में ₹2,00,000 तक का ऋण मिलता है।
- ऋण पर केवल 5% ब्याज दर लागू होती है, शेष ब्याज सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
- डिजिटल लेन–देन को बढ़ावा देने के लिए ₹1 प्रति ट्रांजैक्शन (अधिकतम 100 ट्रांजैक्शन प्रति माह) का प्रोत्साहन दिया जाता है।
- उत्पादों की मार्केटिंग, ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने में सहायता मिलती है।
- आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण के माध्यम से उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि होती है।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों को सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और विकास के नए अवसर प्रदान करती है, जिससे वे अपने हुनर को आगे बढ़ाकर एक मजबूत और आत्मनिर्भर भविष्य बना सकें।
PM Vishwakarma Yojana Monetary Advantages
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा कई प्रकार के वित्तीय लाभ प्रदान किए जाते हैं। इन लाभों का उद्देश्य कारीगरों को प्रशिक्षण, औजार और पूंजी उपलब्ध कराकर उनके व्यवसाय को मजबूत बनाना है।
PM Vishwakarma Yojana के प्रमुख वित्तीय लाभ निम्नलिखित हैं:
Profit Sort |
Quantity / Particulars |
|---|---|
Coaching Allowance |
₹500 per day |
Toolkit Incentive |
₹15,000 |
First Mortgage Tranche |
₹1,00,000 |
Second Mortgage Tranche |
₹2,00,000 |
Curiosity Charge |
5% |
Digital Incentive |
₹1 per transaction (Max 100/month) |
PM Vishwakarma Yojana 2026 Eligibility
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2026 का लाभ केवल उन्हीं पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को दिया जाता है जो वास्तव में अपने हाथों और औजारों से कार्य करते हैं और असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के रूप में जुड़े हैं। योजना का उद्देश्य सही पात्र कारीगरों तक लाभ पहुँचाना है ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें और अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।
नीचे PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए पात्रता की मुख्य शर्तें दी गई हैं:
- आवेदक भारत का असली नागरिक (Indian Citizen) होना चाहिए।
- आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक को पारंपरिक रूप से कारीगरी या शिल्प कला में कार्यरत होना आवश्यक है।
- आवेदक असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार (Self-employed) कर रहा हो।
- आवेदक को 18 पारंपरिक पारिवारिक पेशों में से किसी एक से जुड़ा होना चाहिए जैसे बढ़ई, लोहार, मोची, दर्जी, कुम्हार आदि।
- यदि आवेदक ने पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM SVANidhi, Mudra Mortgage जैसी किसी सरकारी योजना से ऋण लिया है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकता।
- किसी भी एक परिवार से केवल एक सदस्य को ही योजना का लाभ मिलेगा।
- सरकारी नौकरी करने वाले व्यक्ति तथा उनके घर के सदस्य इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
यदि आप ऊपर दी गई सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, तो आप PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इसके लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
PM Vishwakarma Yojana के अंतर्गत मान्य पारंपरिक पेशे
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ केवल उन्हीं कारीगरों और शिल्पकारों को दिया जाता है, जो सरकार द्वारा निर्धारित पारंपरिक पारिवारिक पेशों (Conventional Household-Primarily based Trades) में से किसी एक से जुड़े हों। इन पेशों में वे कार्य शामिल हैं, जिन्हें लोग पीढ़ियों से अपने हाथों और औजारों की सहायता से करते आ रहे हैं।
PM Vishwakarma Yojana के अंतर्गत मान्य प्रमुख पारंपरिक पेशे निम्नलिखित हैं:
- बढ़ई (Carpenter)
- नाव बनाने वाला (Boat Maker)
- लोहार (Blacksmith)
- हथौड़ा एवं औजार निर्माता (Armourer / Device Maker)
- सुनार (Goldsmith)
- कुम्हार (Potter)
- मूर्तिकार (Sculptor)
- राजमिस्त्री / पत्थर का काम करने वाला (Stone Mason)
- दर्जी (Tailor)
- नाई (Barber)
- मोची / चर्मकार (Cobbler / Leather-based Employee)
- टोकरी, चटाई या झाड़ू बनाने वाला (Basket / Mat / Broom Maker)
- हथकरघा बुनकर (Handloom Weaver)
- ताला बनाने वाला (Locksmith)
- खिलौना निर्माता (Toy Maker)
- मछली पकड़ने के जाल बनाने वाला (Fishing Web Maker)
- पत्थर काटने एवं तराशने वाला (Stone Cutter)
- अन्य पारंपरिक पारिवारिक कारीगर एवं शिल्पकार
इन सभी पेशों से जुड़े कारीगर यदि पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, तो वे PM Vishwakarma Yojana के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और प्रशिक्षण, टूलकिट सहायता तथा कम ब्याज दर पर ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
Paperwork Required for PM Vishwakarma Yojana 2026
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2026 के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आवेदक को कुछ आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होते हैं। इन दस्तावेज़ों के माध्यम से सरकार आवेदक की पहचान, पात्रता और पारंपरिक पेशे की पुष्टि करती है। आवेदन से पहले सभी दस्तावेज़ तैयार रखना आवश्यक है ताकि आवेदन प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए आवश्यक दस्तावेज़ निम्नलिखित हैं:
- आधार कार्ड (अनिवार्य)
- राशन कार्ड (परिवार सत्यापन हेतु अनिवार्य)
- बैंक खाता विवरण / बैंक पासबुक
- पैन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- निवास प्रमाण पत्र / मूल निवासी प्रमाण पत्र
- पारंपरिक पेशे से संबंधित प्रमाण (यदि मांगा जाए)
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- सक्रिय मोबाइल नंबर (आधार से लिंक होना चाहिए)
- ईमेल आईडी (यदि उपलब्ध हो)
इन सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की पूर्ति करने के बाद आप PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए सफलतापूर्वक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
How To Apply On-line for PM Vishwakarma Yojana 2026?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2026 के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जिसे आप घर बैठे स्वयं या नजदीकी CSC (Frequent Service Middle) की सहायता से आसानी से पूरा कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज़ और चरणों का पालन करना होता है। नीचे इस योजना में ऑनलाइन आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से बताई गई है।
- PM Vishwakarma Yojana 2026 On-line Apply करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाएँ।

- वेबसाइट के होमपेज पर “Login” सेक्शन में जाकर “Applicant / Beneficiary Login” विकल्प पर क्लिक करें।
- यदि आप नए आवेदक हैं, तो “CSC – Register Artisans” विकल्प चुनें और रजिस्ट्रेशन पेज खोलें।
- रजिस्ट्रेशन पेज पर दिए गए पात्रता से जुड़े प्रश्नों का उत्तर Sure / No में दें और “Proceed” बटन पर क्लिक करें।

- अब अपना आधार नंबर दर्ज करें और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP के माध्यम से सत्यापन करें।
- OTP सत्यापन के बाद व्यक्तिगत जानकारी, पारंपरिक व्यवसाय विवरण, बैंक खाता जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण ध्यानपूर्वक भरें।
- इसके बाद मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और पासपोर्ट साइज फोटो को स्कैन करके अपलोड करें।
- मांगे गये सभी जानकारी और दस्तावेज़ सही होने के बाद “Submit” बटन पर क्लिक करें।
- आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद आपको एक Utility Quantity प्राप्त होगा, जिसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।
आवेदन के बाद की प्रक्रिया
- आवेदन जमा होने के बाद ग्राम पंचायत / नगर निकाय स्तर पर पात्रता का सत्यापन किया जाएगा।
- इसके पश्चात जिला कार्यान्वयन समिति द्वारा आवेदन की जाँच और अनुशंसा की जाएगी।
- स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद लाभार्थी को डिजिटल विश्वकर्मा आईडी कार्ड और सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
- आवेदन के सफल सत्यापन और स्वीकृति के बाद लाभार्थी टूलकिट अनुदान, प्रशिक्षण भत्ता और बिना गारंटी ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेगा।
इस प्रकार आप ऊपर बताए गए चरणों का पालन करके आसानी से PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और सरकार द्वारा दी जा रही सहायता का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष
इस लेख में हमने विस्तार से बताया कि आप PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं। यदि आप एक पात्र पारंपरिक कारीगर या शिल्पकार हैं, तो बिना देरी किए आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाकर आवेदन करें और केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सुविधाओं एवं वित्तीय सहायता का लाभ उठाएँ।
इस योजना के माध्यम से सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी पारंपरिक कारीगर या शिल्पकार केवल आर्थिक अभाव के कारण अपने हुनर और व्यवसाय को छोड़ने के लिए मजबूर न हो। टूलकिट अनुदान, कौशल प्रशिक्षण, और कम ब्याज दर पर बिना गारंटी ऋण जैसी सुविधाओं के माध्यम से यह योजना कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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Essential Hyperlinks
Official Web site |
PM Vishwakarma Yojana |
PM Vishwakarma Yojana Login |
Applicant/ Beneficiary Login |
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FAQs’ – PM Vishwakarma Yojana 2026
PM Vishwakarma Yojana क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
PM Vishwakarma Yojana 2026 भारत सरकार की एक केंद्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के माध्यम से पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से जोड़ा जाता है। सरकार चाहती है कि कारीगर आत्मनिर्भर बनें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।
PM Vishwakarma Yojana की शुरुआत कब हुई और कौन सा मंत्रालय इसे संचालित करता है?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को की गई थी और यह योजना वर्ष 2026 में भी पूरी तरह लागू है। इसका संचालन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा किया जाता है। इसमें कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और वित्त मंत्रालय भी सहयोगी भूमिका निभाते हैं।
PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
इस योजना के लिए वही व्यक्ति आवेदन कर सकता है जो पारंपरिक कारीगर या शिल्पकार हो और अपने हाथों व औजारों से कार्य करता हो। आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए और असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार कर रहा हो। सरकारी कर्मचारी और उनके परिवारजन इस योजना के लिए पात्र नहीं होते हैं।
PM Vishwakarma Yojana 2026 में आयु सीमा क्या है?
PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा तय नहीं की गई है, बशर्ते आवेदक पात्रता की अन्य सभी शर्तें पूरी करता हो। यह योजना युवाओं और अनुभवी कारीगरों दोनों के लिए खुली है।
पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत कितनी टूलकिट सहायता मिलती है?
इस योजना के तहत पात्र कारीगरों को ₹15,000 तक की टूलकिट सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस सहायता का उपयोग कारीगर अपने पेशे से संबंधित आधुनिक औजार खरीदने के लिए कर सकता है।
PM Vishwakarma Yojana में कितना ऋण मिलता है?
PM Vishwakarma Yojana 2026 के अंतर्गत बिना किसी गारंटी के दो चरणों में ऋण दिया जाता है। पहले चरण में ₹1,00,000 और दूसरे चरण में ₹2,00,000 तक का ऋण प्राप्त किया जा सकता है। यह ऋण व्यवसाय विस्तार और कार्यशील पूंजी के लिए दिया जाता है।
पीएम विश्वकर्मा योजना में ब्याज दर कितनी होती है?
इस योजना के तहत दिए जाने वाले ऋण पर केवल 5% ब्याज दर लागू होती है। शेष ब्याज सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जिसे ब्याज सब्सिडी कहा जाता है। इससे कारीगरों पर वित्तीय बोझ कम पड़ता है।
PM Vishwakarma Yojana में प्रशिक्षण भत्ता कितना मिलता है?
योजना के अंतर्गत कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है और प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹500 प्रतिदिन का भत्ता प्रदान किया जाता है। यह भत्ता प्रशिक्षण के दौरान दैनिक खर्चों में सहायता के लिए दिया जाता है। राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
पीएम विश्वकर्मा योजना में कौन-कौन से पेशे मान्य हैं?
इस योजना में बढ़ई, लोहार, दर्जी, कुम्हार, सुनार, नाई, मोची, हथकरघा बुनकर, राजमिस्त्री, नाव निर्माता, खिलौना निर्माता जैसे 18 पारंपरिक पारिवारिक पेशे मान्य हैं। केवल इन्हीं पेशों से जुड़े कारीगर योजना का लाभ ले सकते हैं। पेशा पारंपरिक और हाथों से किया जाने वाला होना चाहिए।
PM Vishwakarma Yojana के लिए आवेदन प्रक्रिया क्या है?
PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदक pmvishwakarma.gov.in वेबसाइट पर जाकर स्वयं या नजदीकी CSC केंद्र की सहायता से आवेदन कर सकता है। आवेदन में आधार OTP सत्यापन और दस्तावेज़ अपलोड अनिवार्य है।
PM Vishwakarma Yojana में आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?
इस योजना में आवेदन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो और निवास प्रमाण पत्र आवश्यक होते हैं। यदि लागू हो तो जाति प्रमाण पत्र और पैन कार्ड भी मांगा जा सकता है। सभी दस्तावेज़ स्कैन करके ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना में DBT क्या है?
DBT का मतलब Direct Profit Switch है। इस प्रणाली के माध्यम से योजना के अंतर्गत मिलने वाली सभी वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।
PM Vishwakarma Yojana 2026 में एक परिवार से कितने लोग लाभ ले सकते हैं?
PM Vishwakarma Yojana 2026 के अंतर्गत एक परिवार से केवल एक सदस्य ही योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि अधिक से अधिक परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
क्या PM Vishwakarma Yojana में महिलाएं आवेदन कर सकती हैं?
हाँ, PM Vishwakarma Yojana 2026 में महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं। यदि महिला पारंपरिक कारीगर या शिल्पकार है और पात्रता शर्तें पूरी करती है, तो उसे योजना का पूरा लाभ दिया जाता है। योजना पुरुष और महिला दोनों के लिए समान रूप से लागू है।
PM Vishwakarma Yojana में डिजिटल आईडी कार्ड क्यों दिया जाता है?
योजना के तहत लाभार्थियों को विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और डिजिटल आईडी कार्ड दिया जाता है। यह आईडी सरकारी पहचान के रूप में काम करती है और भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं और लाभों के लिए उपयोगी होती है। इससे कारीगरों को औपचारिक पहचान मिलती है।
पीएम विश्वकर्मा योजना 2026 में डिजिटल लेन-देन पर क्या लाभ मिलता है?
इस योजना में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए ₹1 प्रति डिजिटल ट्रांजैक्शन का प्रोत्साहन दिया जाता है। यह प्रोत्साहन अधिकतम 100 ट्रांजैक्शन प्रति माह तक सीमित होता है। इसका उद्देश्य कारीगरों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।
PM Vishwakarma Yojana का लाभ कब तक मिलता है?
योजना का लाभ आवेदन की स्वीकृति और सत्यापन के बाद चरणबद्ध तरीके से मिलता है। पहले प्रशिक्षण, फिर टूलकिट सहायता और उसके बाद ऋण सुविधा प्रदान की जाती है। समयसीमा जिला और राज्य स्तर पर प्रक्रिया पर निर्भर करती है।
क्या पहले से ऋण लेने वाले लोग PM Vishwakarma Yojana 2026 के पात्र हैं?
यदि किसी व्यक्ति ने पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM SVANidhi या Mudra Mortgage जैसी सरकारी योजनाओं से ऋण लिया है, तो वह PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए पात्र नहीं होगा। यह नियम दोहरी वित्तीय सहायता से बचने के लिए बनाया गया है।
PM Vishwakarma Yojana का लाभ कैसे चेक करें?
आवेदन की स्थिति और लाभ से जुड़ी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर लॉगिन करके चेक की जा सकती है। इसके अलावा CSC केंद्र पर जाकर भी आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
PM Vishwakarma Yojana क्यों पारंपरिक कारीगरों के लिए महत्वपूर्ण है?
PM Vishwakarma Yojana 2026 पारंपरिक कारीगरों को पहचान, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर उनके व्यवसाय को मजबूत करती है और “लोकल से ग्लोबल” की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देती है। इससे कारीगरों का जीवन स्तर और आय दोनों में सुधार होता है।
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“name”: “PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए कौन आवेदन कर सकता है?”,
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“@type”: “Answer”,
“text”: “इस योजना के लिए वही व्यक्ति आवेदन कर सकता है जो पारंपरिक कारीगर या शिल्पकार हो और अपने हाथों व औजारों से कार्य करता हो। आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए और असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार कर रहा हो। सरकारी कर्मचारी और उनके परिवारजन इस योजना के लिए पात्र नहीं होते हैं।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “PM Vishwakarma Yojana 2026 में आयु सीमा क्या है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा तय नहीं की गई है, बशर्ते आवेदक पात्रता की अन्य सभी शर्तें पूरी करता हो। यह योजना युवाओं और अनुभवी कारीगरों दोनों के लिए खुली है।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत कितनी टूलकिट सहायता मिलती है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “इस योजना के तहत पात्र कारीगरों को ₹15,000 तक की टूलकिट सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस सहायता का उपयोग कारीगर अपने पेशे से संबंधित आधुनिक औजार खरीदने के लिए कर सकता है।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “PM Vishwakarma Yojana में कितना ऋण मिलता है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “PM Vishwakarma Yojana 2026 के अंतर्गत बिना किसी गारंटी के दो चरणों में ऋण दिया जाता है। पहले चरण में ₹1,00,000 और दूसरे चरण में ₹2,00,000 तक का ऋण प्राप्त किया जा सकता है। यह ऋण व्यवसाय विस्तार और कार्यशील पूंजी के लिए दिया जाता है।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “पीएम विश्वकर्मा योजना में ब्याज दर कितनी होती है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “इस योजना के तहत दिए जाने वाले ऋण पर केवल 5% ब्याज दर लागू होती है। शेष ब्याज सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जिसे ब्याज सब्सिडी कहा जाता है। इससे कारीगरों पर वित्तीय बोझ कम पड़ता है।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “PM Vishwakarma Yojana में प्रशिक्षण भत्ता कितना मिलता है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “योजना के अंतर्गत कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है और प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹500 प्रतिदिन का भत्ता प्रदान किया जाता है। यह भत्ता प्रशिक्षण के दौरान दैनिक खर्चों में सहायता के लिए दिया जाता है। राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “पीएम विश्वकर्मा योजना में कौन-कौन से पेशे मान्य हैं?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “इस योजना में बढ़ई, लोहार, दर्जी, कुम्हार, सुनार, नाई, मोची, हथकरघा बुनकर, राजमिस्त्री, नाव निर्माता, खिलौना निर्माता जैसे 18 पारंपरिक पारिवारिक पेशे मान्य हैं। केवल इन्हीं पेशों से जुड़े कारीगर योजना का लाभ ले सकते हैं। पेशा पारंपरिक और हाथों से किया जाने वाला होना चाहिए।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “PM Vishwakarma Yojana के लिए आवेदन प्रक्रिया क्या है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदक pmvishwakarma.gov.in वेबसाइट पर जाकर स्वयं या नजदीकी CSC केंद्र की सहायता से आवेदन कर सकता है। आवेदन में आधार OTP सत्यापन और दस्तावेज़ अपलोड अनिवार्य है।”
}
}
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“@type”: “Question”,
“name”: “PM Vishwakarma Yojana में आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “इस योजना में आवेदन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो और निवास प्रमाण पत्र आवश्यक होते हैं। यदि लागू हो तो जाति प्रमाण पत्र और पैन कार्ड भी मांगा जा सकता है। सभी दस्तावेज़ स्कैन करके ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं।”
}
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“@type”: “Question”,
“name”: “पीएम विश्वकर्मा योजना में DBT क्या है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “DBT का मतलब Direct Benefit Transfer है। इस प्रणाली के माध्यम से योजना के अंतर्गत मिलने वाली सभी वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।”
}
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“@type”: “Question”,
“name”: “PM Vishwakarma Yojana 2026 में एक परिवार से कितने लोग लाभ ले सकते हैं?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “PM Vishwakarma Yojana 2026 के अंतर्गत एक परिवार से केवल एक सदस्य ही योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि अधिक से अधिक परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “क्या PM Vishwakarma Yojana में महिलाएं आवेदन कर सकती हैं?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “हाँ, PM Vishwakarma Yojana 2026 में महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं। यदि महिला पारंपरिक कारीगर या शिल्पकार है और पात्रता शर्तें पूरी करती है, तो उसे योजना का पूरा लाभ दिया जाता है। योजना पुरुष और महिला दोनों के लिए समान रूप से लागू है।”
}
}
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“@type”: “Question”,
“name”: “PM Vishwakarma Yojana में डिजिटल आईडी कार्ड क्यों दिया जाता है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “योजना के तहत लाभार्थियों को विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और डिजिटल आईडी कार्ड दिया जाता है। यह आईडी सरकारी पहचान के रूप में काम करती है और भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं और लाभों के लिए उपयोगी होती है। इससे कारीगरों को औपचारिक पहचान मिलती है।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “पीएम विश्वकर्मा योजना 2026 में डिजिटल लेन-देन पर क्या लाभ मिलता है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “इस योजना में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए ₹1 प्रति डिजिटल ट्रांजैक्शन का प्रोत्साहन दिया जाता है। यह प्रोत्साहन अधिकतम 100 ट्रांजैक्शन प्रति माह तक सीमित होता है। इसका उद्देश्य कारीगरों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।”
}
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“@type”: “Question”,
“name”: “PM Vishwakarma Yojana का लाभ कब तक मिलता है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “योजना का लाभ आवेदन की स्वीकृति और सत्यापन के बाद चरणबद्ध तरीके से मिलता है। पहले प्रशिक्षण, फिर टूलकिट सहायता और उसके बाद ऋण सुविधा प्रदान की जाती है। समयसीमा जिला और राज्य स्तर पर प्रक्रिया पर निर्भर करती है।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “क्या पहले से ऋण लेने वाले लोग PM Vishwakarma Yojana 2026 के पात्र हैं?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “यदि किसी व्यक्ति ने पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM SVANidhi या Mudra Loan जैसी सरकारी योजनाओं से ऋण लिया है, तो वह PM Vishwakarma Yojana 2026 के लिए पात्र नहीं होगा। यह नियम दोहरी वित्तीय सहायता से बचने के लिए बनाया गया है।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “PM Vishwakarma Yojana का लाभ कैसे चेक करें?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “आवेदन की स्थिति और लाभ से जुड़ी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर लॉगिन करके चेक की जा सकती है। इसके अलावा CSC केंद्र पर जाकर भी आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।”
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“@type”: “Question”,
“name”: “PM Vishwakarma Yojana क्यों पारंपरिक कारीगरों के लिए महत्वपूर्ण है?”,
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“@type”: “Answer”,
“text”: “PM Vishwakarma Yojana 2026 पारंपरिक कारीगरों को पहचान, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर उनके व्यवसाय को मजबूत करती है और “लोकल से ग्लोबल” की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देती है। इससे कारीगरों का जीवन स्तर और आय दोनों में सुधार होता है।”
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