One Cease Centre Scheme 2026: वन स्टॉप सेंटर योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को त्वरित सहायता, सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराना है। यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत संचालित की जाती है तथा इसे निर्भया फंड के माध्यम से पूर्ण रूप से वित्त पोषित किया जाता है। वन स्टॉप सेंटर योजना का मुख्य लक्ष्य महिलाओं को शारीरिक, मानसिक, यौन, भावनात्मक या आर्थिक हिंसा से उबरने में मदद करना और उन्हें फिर से आत्मनिर्भर एवं सशक्त जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
इस योजना के तहत महिलाओं को एक ही स्थान पर पुलिस सहायता, चिकित्सा सुविधा, कानूनी मदद, परामर्श सेवाएं और सुरक्षित आश्रय जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। यदि आप या आपके किसी परिचित महिला को घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, तेजाब हमला या किसी भी प्रकार की हिंसा का सामना करना पड़ रहा है, तो अब सीधे वन स्टॉप सेंटर या हेल्पलाइन नंबर 181 के माध्यम से शिकायत दर्ज कर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है।

आज के इस लेख में हम आपको One Cease Centre Scheme 2026 से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करने वाले हैं। यदि आप इस योजना के उद्देश्य, लाभ, सेवाएं, पात्रता और संपर्क प्रक्रिया को विस्तार से जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इसलिए इसे अंत तक अवश्य पढ़ें।
One Cease Centre Scheme 2026: Overview
Scheme Title |
One Cease Centre Scheme (Sakhi) |
Launched By |
Authorities of India |
Ministry |
Ministry of Girls & Youngster Growth |
Funding |
100% Centrally Sponsored (Nirbhaya Fund) |
Scheme Underneath |
Mission Shakti – Sambal Vertical |
Beneficiaries |
Girls & Ladies (Under 18 years additionally) |
Helpline Quantity |
181 |
Providers |
Medical, Authorized, Police, Shelter, Counseling |
Whole OSCs (2025–26) |
802+ Operational OSCs |
Implementation |
State Governments / UT Administrations |
वन स्टॉप सेंटर स्कीम: One Cease Centre Yojana 2026
आज के इस लेख में हम आप सभी देशवासियों का हार्दिक स्वागत करते हैं। आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से वन स्टॉप सेंटर स्कीम (One Cease Centre Yojana 2026) के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देने वाले हैं। यह योजना भारत सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के उद्देश्य से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे वर्ष 2026 में और अधिक प्रभावी रूप से पूरे देश में लागू किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को त्वरित सहायता, सुरक्षा और न्याय प्रदान करना है।
Learn Additionally…
- One Cease Centre Scheme– वन स्टॉप सेंटर योजना क्या है? जाने इसके उद्देश्य, लाभ, पात्रता, सेवाएं और संपर्क प्रक्रिया की पूरी जानकारी
- Mukhaymantri Mahila Rojgar Yojana 2 लाख: कब, कैसे और किसे मिलेगा पैसा?—जीविका मित्र घर-घर सर्वे कर रही हैं – आवेदन का आखिरी मौका
- Mahila Samridhi Yojana (MSY): महिलाओं के लिए वरदान है योजना, योजना दे रही है महिलाओं को 1,40,000 रुपये, जाने आवेदन प्रक्रिया और फायदें?
- Mahila Samman Financial savings Certificates: इस स्कीम में महिलाओं को मिल रहा है 7.5% का ब्याज के साथ पूरे 2 लाख का बीमा, जाने आवेदन प्रक्रिया और योजना का लाभ?
- Greatest Authorities Scheme For Girls 2026 with Full Particulars : Verify Eligibility & Utility Course of
- Sarkari Yojana For Girls: महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी है ये सरकारी योजनायें, जाने महिलाओं को समर्पित सरकारी योजनाओं की लिस्ट
यदि आप One Cease Centre Yojana 2026 से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे इसके उद्देश्य, लाभ, पात्रता, सेवाएं और संपर्क प्रक्रिया को सही और विस्तार से जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इसलिए आप इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।
वन स्टॉप सेंटर स्कीम क्या है?
One Cease Centre Scheme (OSC) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसे “सखी योजना” के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सहायता सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है और निर्भया फंड के अंतर्गत 100% केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित है।
वन स्टॉप सेंटर स्कीम के तहत देश के प्रत्येक जिले में ऐसे केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ महिलाओं को चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता, कानूनी मदद, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे दी जाती हैं। इस योजना का लाभ किसी भी उम्र, वर्ग, जाति, धर्म या वैवाहिक स्थिति की महिला को मिल सकता है।
यह योजना उन महिलाओं और 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियों के लिए है जो घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, तेजाब हमला, मानव तस्करी, ऑनर क्राइम या कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसी किसी भी प्रकार की हिंसा का सामना कर रही हैं। वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को न केवल त्वरित सहायता प्रदान करता है, बल्कि उन्हें न्याय दिलाने और सम्मानपूर्वक जीवन फिर से शुरू करने में भी सहयोग करता है।
संक्षेप में वन स्टॉप सेंटर स्कीम महिलाओं के लिए एक ऐसा सुरक्षित मंच है, जहाँ वे बिना किसी डर के अपनी समस्या बता सकती हैं और तुरंत आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
सखी वन स्टॉप सेंटर योजना के उद्देश्य
सखी वन स्टॉप सेंटर योजना का मुख्य उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर समग्र, त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान करना है। इस योजना को महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक छत के नीचे सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना
- निजी और सार्वजनिक स्थानों, परिवार, समाज एवं कार्यस्थल पर हिंसा झेल रही महिलाओं को सहायता प्रदान करना
- महिलाओं को तत्काल आपातकालीन और गैर-आपातकालीन सहायता प्रदान करना
- चिकित्सा, पुलिस, कानूनी और परामर्श सेवाओं तक महिलाओं की आसान और त्वरित पहुँच सुनिश्चित करना
- महिलाओं को न्याय प्रक्रिया से जोड़ना और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना
- मानसिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से महिलाओं को सहारा और परामर्श प्रदान करना
- हिंसा पीड़ित महिलाओं को अस्थायी सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना
- पीड़ित महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास सुनिश्चित करना
- महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाकर उन्हें स्वतंत्र और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रेरित करना
इस तरह सखी वन स्टॉप सेंटर योजना का उद्देश्य महिलाओं को हिंसा से बाहर निकालकर उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर करना है।
OSC के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सेवाएं
वन स्टॉप सेंटर के अंतर्गत हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाती हैं, ताकि उन्हें त्वरित सहायता और न्याय मिल सके। OSC के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएं निम्नलिखित हैं:
- आपातकालीन सहायता एवं रेस्क्यू सेवा: हिंसा से पीड़ित महिलाओं को तुरंत सुरक्षित स्थान पर लाने के लिए पुलिस, 108 एम्बुलेंस सेवा और अन्य आपातकालीन सेवाओं से समन्वय किया जाता है।
- चिकित्सा सहायता (Medical Help): पीड़ित महिलाओं को नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल में चिकित्सा परीक्षण, इलाज और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
- पुलिस सहायता: प्राथमिकी (FIR), NCR या DIR दर्ज कराने में मदद की जाती है तथा महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस से समन्वय किया जाता है।
- कानूनी सहायता एवं परामर्श: महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सलाह दी जाती है और आवश्यकता पड़ने पर वकील की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे न्यायिक प्रक्रिया को समझ सकें और आगे बढ़ सकें।
- मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक परामर्श: प्रशिक्षित काउंसलर द्वारा मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक परामर्श दिया जाता है, ताकि महिलाएं मानसिक रूप से मजबूत बन सकें।
- अस्थायी सुरक्षित आश्रय (Shelter Facility): जरूरत पड़ने पर महिलाओं और उनके बच्चों को अधिकतम 5 दिनों तक अस्थायी सुरक्षित आवास प्रदान किया जाता है।
- पुनर्वास एवं सशक्तिकरण सेवाएं: महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए उन्हें कौशल विकास, स्वरोजगार और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाता है।
| Providers Accessible on the One Cease Middle (OSC) | |
| Sort of Service | Description |
|---|---|
| Emergency Response | Rescue via Police, 108, NHM |
| Medical Help | Medical help & examination |
| Police Help | FIR/NCR/DIR help |
| Counseling | Psycho-social counseling |
| Authorized Assist | Free authorized help & court docket assist |
| Shelter | Momentary shelter as much as 5 days |
इन सभी सेवाओं के माध्यम से OSC योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हिंसा से प्रभावित महिलाओं को बिना किसी परेशानी के एक ही स्थान पर संपूर्ण सहायता प्राप्त हो सके।
सखी वन स्टॉप सेंटर से किन महिलाओं को मदद मिलती है?
सखी वन स्टॉप सेंटर योजना के अंतर्गत उन सभी महिलाओं और लड़कियों को सहायता प्रदान की जाती है, जो किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या उत्पीड़न का सामना कर रही हैं। यह योजना बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद महिला के लिए है। सखी वन स्टॉप सेंटर से निम्नलिखित महिलाओं को मदद मिलती है:
- घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं: पति या परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा शारीरिक, मानसिक या आर्थिक प्रताड़ना झेलने वाली महिलाएं।
- दहेज प्रताड़ना की शिकार महिलाएं: दहेज की मांग के कारण उत्पीड़न, मारपीट या धमकी का सामना कर रही महिलाएं।
- यौन हिंसा या यौन उत्पीड़न से पीड़ित महिलाएं: बलात्कार, छेड़छाड़, यौन शोषण या कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाएं।
- तेजाब हमले (Acid Assault) से पीड़ित महिलाएं: एसिड अटैक या अन्य गंभीर हमलों से प्रभावित महिलाएं।
- मानव तस्करी की शिकार महिलाएं: व्यापार, मजदूरी या अन्य उद्देश्यों के लिए तस्करी की गई महिलाएं।
- ऑनर क्राइम या सामाजिक हिंसा से प्रभावित महिलाएं: सम्मान के नाम पर हिंसा या सामाजिक बहिष्कार झेल रही महिलाएं।
- सशस्त्र संघर्ष या आपदा के दौरान हिंसा से प्रभावित महिलाएं: किसी संघर्ष या आपात स्थिति में हिंसा का सामना करने वाली महिलाएं।
- 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियां: यौन शोषण या हिंसा की शिकार लड़कियां, जिन्हें POCSO Act और JJ Act के तहत सहायता प्रदान की जाती है।
इस प्रकार सखी वन स्टॉप सेंटर हर उस महिला और बालिका के लिए है जो हिंसा से पीड़ित है और जिसे तत्काल सहायता, सुरक्षा और न्याय की आवश्यकता है।
वन स्टॉप सेंटर की स्थापना से जुड़ी जानकारी
वन स्टॉप सेंटर (One Cease Centre) की स्थापना का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को त्वरित और समग्र सहायता उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं, ताकि सेवाएं समय पर और प्रभावी रूप से दी जा सकें। वन स्टॉप सेंटर की स्थापना से जुड़ी प्रमुख जानकारियाँ निम्नलिखित हैं:
- प्रत्येक जिले में कम से कम एक वन स्टॉप सेंटर स्थापित किया जाता है।
- आवश्यकता अनुसार अधिक अपराध दर, अधिक जनसंख्या या भौगोलिक रूप से बड़े जिलों में एक से अधिक OSC भी स्थापित किए जा सकते हैं।
- वन स्टॉप सेंटर की स्थापना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाती है।
- OSC को सामान्यतः सरकारी अस्पताल या चिकित्सा संस्थान के परिसर में स्थापित किया जाता है, ताकि पीड़ित महिलाओं को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।
- वन स्टॉप सेंटर के लिए आवश्यक क्षेत्रफल: 132 sq. meter (Authorities Constructing) या 300 sq. meter land (Hospital Campus)
- यदि अस्पताल परिसर में स्थान उपलब्ध न हो, तो OSC को अस्पताल से अधिकतम 2 किलोमीटर के दायरे में स्थापित किया जाता है।
- OSC की संचालन जिम्मेदारी राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों की होती है, जबकि इसका वित्तपोषण निर्भया फंड के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 100% किया जाता है।
इस प्रकार वन स्टॉप सेंटर की स्थापना इस तरह की जाती है कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और त्वरित सहायता एक ही स्थान पर मिल सके।
One Cease Centre Scheme 2026 की वर्तमान स्थिति
वर्तमान समय में One Cease Centre देशभर में प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है और यह महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता के क्षेत्र में एक मजबूत व्यवस्था के रूप में उभर चुकी है। योजना की वर्तमान स्थिति से जुड़ी प्रमुख जानकारियाँ इस प्रकार हैं:
- भारत में वर्तमान में 802 से अधिक वन स्टॉप सेंटर (OSCs) सफलतापूर्वक कार्यरत हैं, जो महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान कर रहे हैं।
- देश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक वन स्टॉप सेंटर स्थापित किया गया है, ताकि महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही सहायता मिल सके।
- जिन जिलों में महिलाओं के विरुद्ध अपराध की दर अधिक, जनसंख्या ज्यादा या भौगोलिक क्षेत्र बड़ा है, वहाँ अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए गए हैं।
- यह योजना पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है और इसके लिए निर्भया फंड के अंतर्गत 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जाता है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके।
कुल मिलाकर One Cease Centre Scheme 2026 देशभर में महिलाओं के लिए एक भरोसेमंद सहायता प्रणाली बन चुकी है, जो संकट की घड़ी में उन्हें सुरक्षा, समर्थन और न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
वन स्टॉप सेंटर से संपर्क कैसे करें?
यदि आप या आपके किसी परिचित महिला को किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, तो वन स्टॉप सेंटर (One Cease Centre) से संपर्क करना बेहद आसान और त्वरित है। संपर्क करने के प्रमुख तरीके निम्नलिखित हैं:
- हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल करें: यह 24×7 कार्यरत महिला हेल्पलाइन है। कॉल करने पर आपको नजदीकी सखी वन स्टॉप सेंटर से जोड़ा जाएगा और तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
- अपने जिले के वन स्टॉप सेंटर में सीधे जाएं: प्रत्येक जिले में कम से कम एक OSC स्थापित है, जहाँ जाकर महिला स्वयं सहायता प्राप्त कर सकती है।
- पुलिस के माध्यम से संपर्क: किसी भी नजदीकी पुलिस स्टेशन या PCR के माध्यम से महिला को वन स्टॉप सेंटर से जोड़ा जा सकता है।
- अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से: यदि महिला को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है, तो अस्पताल से सीधे OSC को रेफर किया जा सकता है।
- NGO या सामाजिक संगठनों के जरिए: मान्यता प्राप्त NGOs और महिला संगठनों के माध्यम से भी पीड़ित महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर तक पहुँचाया जाता है।
- परिजन, मित्र या कोई भी व्यक्ति शिकायत कर सकता है: पीड़ित महिला के अलावा उसका कोई भी रिश्तेदार, मित्र या जानने वाला व्यक्ति भी OSC से संपर्क कर सहायता दिला सकता है।
इस प्रकार वन स्टॉप सेंटर योजना 2026 यह सुनिश्चित करती है कि संकट में फंसी किसी भी महिला तक मदद जल्दी और सुरक्षित तरीके से पहुँच सके।
Conclusion
आज के इस लेख में हमने आप सभी के साथ One Cease Centre Scheme 2026 से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण और आवश्यक जानकारियों को सही, सरल और विस्तारपूर्वक साझा किया है। यह योजना महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में भारत सरकार की एक अत्यंत सराहनीय पहल है। सखी वन स्टॉप सेंटर योजना महिलाओं को हर प्रकार की हिंसा से लड़ने में न केवल कानूनी और प्रशासनिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से दोबारा सशक्त बनने का अवसर भी देती है।
वन स्टॉप सेंटर योजना के माध्यम से अब तक देशभर में लाखों हिंसा पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी सहयोग, परामर्श सेवाएं और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा चुका है। यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी महिला को अपनी समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग जगहों पर भटकना न पड़े और उसे एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
यदि आपको आज का यह लेख उपयोगी और जानकारीपूर्ण लगा हो, तो कृपया इसे अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा करें, ताकि अन्य महिलाएं भी One Cease Centre Scheme 2026 के बारे में जान सकें और आवश्यकता पड़ने पर इसका लाभ उठा सकें। इस लेख से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न, सुझाव या जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए कमेंट सेक्शन में अपना सवाल पूछ सकते हैं।
Essential Hyperlinks
Telegram Channel |
Be a part of Channel |
Homepage |
Go to Homepage |
FAQs’ – One Cease Centre Scheme
One Cease Centre Scheme क्या है?
One Cease Centre Scheme 2026 भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण महिला सुरक्षा योजना है, जिसे सखी वन स्टॉप सेंटर योजना भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा, कानूनी, पुलिस, परामर्श और आश्रय जैसी सभी आवश्यक सेवाएं प्रदान करना है। यह योजना महिलाओं को त्वरित सहायता, सुरक्षा और न्याय दिलाने में मदद करती है।
सखी वन स्टॉप सेंटर योजना किस मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होती है?
सखी वन स्टॉप सेंटर योजना भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Girls & Youngster Growth) के अंतर्गत संचालित की जाती है। इस मंत्रालय द्वारा योजना के दिशा-निर्देश तय किए जाते हैं और राज्यों के माध्यम से इसका क्रियान्वयन किया जाता है, ताकि महिलाओं को समय पर सहायता मिल सके।
One Cease Centre Scheme 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे समग्र, त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान करना है। योजना महिलाओं को शारीरिक, मानसिक, यौन, भावनात्मक और आर्थिक हिंसा से उबरने में मदद करती है तथा उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की ओर आगे बढ़ाती है।
सखी वन स्टॉप सेंटर योजना के तहत कौन-कौन सी सेवाएं मिलती हैं?
वन स्टॉप सेंटर के तहत महिलाओं को आपातकालीन सहायता, चिकित्सा उपचार, पुलिस सहायता, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और अस्थायी सुरक्षित आश्रय जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इन सभी सेवाओं का उद्देश्य महिला को बिना भटके तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है।
One Cease Centre Scheme 2026 का लाभ किन महिलाओं को मिलता है?
इस योजना का लाभ किसी भी उम्र, जाति, धर्म, वर्ग या वैवाहिक स्थिति की महिला को मिल सकता है। घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, तेजाब हमला, मानव तस्करी या कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकार महिलाएं इस योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
क्या 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियां भी OSC योजना का लाभ ले सकती हैं?
हाँ, 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियां भी वन स्टॉप सेंटर योजना का लाभ ले सकती हैं। ऐसी लड़कियों को POCSO Act और Juvenile Justice Act के अंतर्गत संबंधित संस्थाओं से जोड़कर सहायता प्रदान की जाती है, ताकि उन्हें कानूनी और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
One Cease Centre Scheme 2026 के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?
वन स्टॉप सेंटर योजना के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 निर्धारित किया गया है। यह हेल्पलाइन 24×7 सक्रिय रहती है और कॉल करने पर पीड़ित महिला को नजदीकी सखी वन स्टॉप सेंटर से जोड़कर तुरंत सहायता प्रदान की जाती है।
क्या वन स्टॉप सेंटर से संपर्क करने के लिए महिला को स्वयं जाना जरूरी है?
नहीं, महिला के अलावा उसका कोई भी रिश्तेदार, मित्र या परिचित व्यक्ति भी वन स्टॉप सेंटर से संपर्क कर सकता है। पुलिस, अस्पताल, NGO या सामाजिक संगठनों के माध्यम से भी महिला को OSC से जोड़ा जा सकता है।
One Cease Centre Scheme 2026 पूरी तरह मुफ्त है या नहीं?
हाँ, सखी वन स्टॉप सेंटर योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं। चिकित्सा, कानूनी सहायता, परामर्श और आश्रय के लिए महिला से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है।
वन स्टॉप सेंटर योजना का वित्तपोषण कौन करता है?
One Cease Centre Scheme 2026 पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है। यह योजना निर्भया फंड के अंतर्गत संचालित होती है और इसके लिए 100% वित्तीय सहायता केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।
भारत में वर्तमान में कितने वन स्टॉप सेंटर कार्यरत हैं?
वर्तमान समय में भारत में 802 से अधिक वन स्टॉप सेंटर कार्यरत हैं। लगभग हर जिले में कम से कम एक OSC स्थापित किया गया है, ताकि महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही सहायता मिल सके।
क्या हर जिले में वन स्टॉप सेंटर उपलब्ध है?
हाँ, सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जिले में कम से कम एक वन स्टॉप सेंटर स्थापित किया गया है। अधिक अपराध दर या अधिक जनसंख्या वाले जिलों में अतिरिक्त OSC भी खोले गए हैं।
वन स्टॉप सेंटर कहां स्थापित किए जाते हैं?
अधिकतर वन स्टॉप सेंटर सरकारी अस्पताल या चिकित्सा संस्थान के परिसर में स्थापित किए जाते हैं। यदि अस्पताल परिसर में जगह उपलब्ध न हो, तो OSC को अस्पताल से अधिकतम 2 किलोमीटर के दायरे में स्थापित किया जाता है।
वन स्टॉप सेंटर में कितने दिनों तक आश्रय की सुविधा मिलती है?
सखी वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं और उनके बच्चों को अधिकतम 5 दिनों तक अस्थायी सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जाता है। आवश्यकता होने पर आगे के लिए उन्हें स्वधार गृह या अन्य आश्रय गृहों से जोड़ा जाता है।
क्या वन स्टॉप सेंटर में कानूनी सहायता वास्तव में मुफ्त होती है?
हाँ, OSC के अंतर्गत महिलाओं को पूरी तरह निःशुल्क कानूनी सहायता दी जाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या पैनल में शामिल वकीलों द्वारा महिलाओं को कानूनी सलाह और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग दिया जाता है।
One Cease Centre Scheme 2026 महिलाओं को कैसे सशक्त बनाती है?
यह योजना महिलाओं को केवल तत्काल सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर भी जोर देती है। परामर्श, पुनर्वास और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद की जाती है।
क्या कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकार महिलाएं OSC से मदद ले सकती हैं?
हाँ, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न या किसी भी प्रकार की हिंसा की शिकार महिलाएं वन स्टॉप सेंटर से सहायता प्राप्त कर सकती हैं। OSC उन्हें कानूनी सलाह, पुलिस सहायता और काउंसलिंग प्रदान करता है।
वन स्टॉप सेंटर योजना 2026 के तहत शिकायत कैसे दर्ज की जाती है?
शिकायत हेल्पलाइन 181 पर कॉल करके, सीधे OSC जाकर, पुलिस के माध्यम से या अस्पताल व NGO के जरिए दर्ज की जा सकती है। शिकायत दर्ज होते ही महिला को तुरंत आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है।
One Cease Centre Scheme 2026 राज्यों द्वारा कैसे लागू की जाती है?
हालाँकि योजना का वित्तपोषण केंद्र सरकार करती है, लेकिन इसका क्रियान्वयन राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जाता है। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार सेवाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकता है।
One Cease Centre Scheme 2026 महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है?
यह योजना महिलाओं के लिए इसलिए बेहद जरूरी है क्योंकि यह उन्हें संकट की घड़ी में एक सुरक्षित, भरोसेमंद और त्वरित सहायता प्रणाली प्रदान करती है। वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को हिंसा से बाहर निकालकर उन्हें सम्मान, सुरक्षा और न्याय के साथ नया जीवन शुरू करने का अवसर देता है।
{
“@context”: “https://schema.org”,
“@kind”: “FAQPage”,
“mainEntity”: [
{
“@type”: “Question”,
“name”: “One Stop Centre Scheme क्या है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “One Stop Centre Scheme 2026 भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण महिला सुरक्षा योजना है, जिसे सखी वन स्टॉप सेंटर योजना भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा, कानूनी, पुलिस, परामर्श और आश्रय जैसी सभी आवश्यक सेवाएं प्रदान करना है। यह योजना महिलाओं को त्वरित सहायता, सुरक्षा और न्याय दिलाने में मदद करती है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “सखी वन स्टॉप सेंटर योजना किस मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होती है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “सखी वन स्टॉप सेंटर योजना भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women & Child Development) के अंतर्गत संचालित की जाती है। इस मंत्रालय द्वारा योजना के दिशा-निर्देश तय किए जाते हैं और राज्यों के माध्यम से इसका क्रियान्वयन किया जाता है, ताकि महिलाओं को समय पर सहायता मिल सके।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “One Stop Centre Scheme 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “इस योजना का मुख्य उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे समग्र, त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान करना है। योजना महिलाओं को शारीरिक, मानसिक, यौन, भावनात्मक और आर्थिक हिंसा से उबरने में मदद करती है तथा उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की ओर आगे बढ़ाती है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “सखी वन स्टॉप सेंटर योजना के तहत कौन-कौन सी सेवाएं मिलती हैं?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “वन स्टॉप सेंटर के तहत महिलाओं को आपातकालीन सहायता, चिकित्सा उपचार, पुलिस सहायता, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और अस्थायी सुरक्षित आश्रय जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इन सभी सेवाओं का उद्देश्य महिला को बिना भटके तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “One Stop Centre Scheme 2026 का लाभ किन महिलाओं को मिलता है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “इस योजना का लाभ किसी भी उम्र, जाति, धर्म, वर्ग या वैवाहिक स्थिति की महिला को मिल सकता है। घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, तेजाब हमला, मानव तस्करी या कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकार महिलाएं इस योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकती हैं।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “क्या 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियां भी OSC योजना का लाभ ले सकती हैं?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “हाँ, 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियां भी वन स्टॉप सेंटर योजना का लाभ ले सकती हैं। ऐसी लड़कियों को POCSO Act और Juvenile Justice Act के अंतर्गत संबंधित संस्थाओं से जोड़कर सहायता प्रदान की जाती है, ताकि उन्हें कानूनी और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “One Stop Centre Scheme 2026 के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “वन स्टॉप सेंटर योजना के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 निर्धारित किया गया है। यह हेल्पलाइन 24×7 सक्रिय रहती है और कॉल करने पर पीड़ित महिला को नजदीकी सखी वन स्टॉप सेंटर से जोड़कर तुरंत सहायता प्रदान की जाती है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “क्या वन स्टॉप सेंटर से संपर्क करने के लिए महिला को स्वयं जाना जरूरी है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “नहीं, महिला के अलावा उसका कोई भी रिश्तेदार, मित्र या परिचित व्यक्ति भी वन स्टॉप सेंटर से संपर्क कर सकता है। पुलिस, अस्पताल, NGO या सामाजिक संगठनों के माध्यम से भी महिला को OSC से जोड़ा जा सकता है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “One Stop Centre Scheme 2026 पूरी तरह मुफ्त है या नहीं?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “हाँ, सखी वन स्टॉप सेंटर योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं। चिकित्सा, कानूनी सहायता, परामर्श और आश्रय के लिए महिला से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “वन स्टॉप सेंटर योजना का वित्तपोषण कौन करता है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “One Stop Centre Scheme 2026 पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है। यह योजना निर्भया फंड के अंतर्गत संचालित होती है और इसके लिए 100% वित्तीय सहायता केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “भारत में वर्तमान में कितने वन स्टॉप सेंटर कार्यरत हैं?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “वर्तमान समय में भारत में 802 से अधिक वन स्टॉप सेंटर कार्यरत हैं। लगभग हर जिले में कम से कम एक OSC स्थापित किया गया है, ताकि महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही सहायता मिल सके।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “क्या हर जिले में वन स्टॉप सेंटर उपलब्ध है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “हाँ, सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जिले में कम से कम एक वन स्टॉप सेंटर स्थापित किया गया है। अधिक अपराध दर या अधिक जनसंख्या वाले जिलों में अतिरिक्त OSC भी खोले गए हैं।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “वन स्टॉप सेंटर कहां स्थापित किए जाते हैं?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “अधिकतर वन स्टॉप सेंटर सरकारी अस्पताल या चिकित्सा संस्थान के परिसर में स्थापित किए जाते हैं। यदि अस्पताल परिसर में जगह उपलब्ध न हो, तो OSC को अस्पताल से अधिकतम 2 किलोमीटर के दायरे में स्थापित किया जाता है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “वन स्टॉप सेंटर में कितने दिनों तक आश्रय की सुविधा मिलती है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “सखी वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं और उनके बच्चों को अधिकतम 5 दिनों तक अस्थायी सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जाता है। आवश्यकता होने पर आगे के लिए उन्हें स्वधार गृह या अन्य आश्रय गृहों से जोड़ा जाता है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “क्या वन स्टॉप सेंटर में कानूनी सहायता वास्तव में मुफ्त होती है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “हाँ, OSC के अंतर्गत महिलाओं को पूरी तरह निःशुल्क कानूनी सहायता दी जाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या पैनल में शामिल वकीलों द्वारा महिलाओं को कानूनी सलाह और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग दिया जाता है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “One Stop Centre Scheme 2026 महिलाओं को कैसे सशक्त बनाती है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “यह योजना महिलाओं को केवल तत्काल सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर भी जोर देती है। परामर्श, पुनर्वास और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद की जाती है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “क्या कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकार महिलाएं OSC से मदद ले सकती हैं?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “हाँ, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न या किसी भी प्रकार की हिंसा की शिकार महिलाएं वन स्टॉप सेंटर से सहायता प्राप्त कर सकती हैं। OSC उन्हें कानूनी सलाह, पुलिस सहायता और काउंसलिंग प्रदान करता है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “वन स्टॉप सेंटर योजना 2026 के तहत शिकायत कैसे दर्ज की जाती है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “शिकायत हेल्पलाइन 181 पर कॉल करके, सीधे OSC जाकर, पुलिस के माध्यम से या अस्पताल व NGO के जरिए दर्ज की जा सकती है। शिकायत दर्ज होते ही महिला को तुरंत आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “One Stop Centre Scheme 2026 राज्यों द्वारा कैसे लागू की जाती है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “हालाँकि योजना का वित्तपोषण केंद्र सरकार करती है, लेकिन इसका क्रियान्वयन राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जाता है। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार सेवाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकता है।”
}
}
, {
“@type”: “Question”,
“name”: “One Stop Centre Scheme 2026 महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है?”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “यह योजना महिलाओं के लिए इसलिए बेहद जरूरी है क्योंकि यह उन्हें संकट की घड़ी में एक सुरक्षित, भरोसेमंद और त्वरित सहायता प्रणाली प्रदान करती है। वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को हिंसा से बाहर निकालकर उन्हें सम्मान, सुरक्षा और न्याय के साथ नया जीवन शुरू करने का अवसर देता है।”
}
}
]
}

